बिलासपुर। दुनिया भर में चर्चित उपन्यास प्लेग के संदेश को कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ लोगों के मनोबल के लिए कारगर माना जा रहा है। प्लेग की पंक्तियों पर आधारित 1 मिनट का एक संदेश छत्तीसगढ़ी और हिन्दी में दिल्ली के एक संगठन ने तैयार किया है और राज्य सरकार को इस अनुरोध के साथ भेजा है कि सरकार की बेवसाईटों व सोशल मीडिया मंचों पर लोगों का मनोबल बनाए रखने के लिए उस वीडियों का उपयोग किया जा सकता है।
कोरोना दुनिया की पहली महामारी नहीं है, प्लेग ने भी तबाही मचाई थी। अपने विश्व प्रसिद्ध उपन्यास प्लेग में अल्बैर कामू लिखते हैं।
दृश्य -1 महामारी एक दिन में तो नहीं थमी लेकिन उम्मीदों से कहीं ज्यादा जल्दी उसका प्रकोप कम हो गया। लोग समझने लगे कि प्लेग की ताकत कम हो रही है, महामारी हर दिशा में पीछे हट रही थी।
दृश्य -2 जब प्लेग का दौर खत्म हो गया तब भी वे प्लेग के जमाने के नियमों पर चलते रहे ।
दृश्य -3 अपनी व्यक्तिगत मुसीबतों के बावजूद लोग महामारियों के सामने सिर झुकाना मंजूर नहीं करते, लोगों को रोग से मुक्ति दिलाने की भरसक कोशिश करते हैं।
वीडियों में छत्तीसगढ़ी आवाज कोरबा के दिनेश थवैत ने दी है।
