छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस एवं प्री-दीपावली उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, विद्यार्थियों ने रंगोली, दीप सज्जा और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में दिखाई प्रतिभा
जरेली (पथरिया)। डी.ए.व्ही. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जरेली (पेंड्री), पथरिया में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस एवं प्री-दीपावली उत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और दीपावली के उल्लास का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य गौरव सिंह राजपूत ने छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान एवं राज्य की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के स्मरण के साथ किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोककला, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया।
प्री-दीपावली उत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों ने रंगोली, दीप सज्जा, मेहंदी, पेपर क्राफ्ट, क्ले मॉडलिंग, तोरण निर्माण एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न कक्षाओं की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
प्रतियोगिताओं के प्रमुख विजेता इस प्रकार रहे—
नर्सरी से चारवी कंवर (दीया पेंटिंग), एलकेजी से श्रुति (पटाखों में रंग भरना), यूकेजी से प्राची चंद्राकर (वॉटरकलर आर्ट), कक्षा पहली से सान्वी निर्मलकर (पेपर क्राफ्टिंग), दूसरी से भुवी निर्मलकर (क्ले मॉडलिंग), तीसरी से विधि देवांगन (फायर क्रैकर मेकिंग), चौथी से आर्य राजपूत (थाली सजावट) तथा पांचवीं से हिमांशी (दीया निर्माण एवं सजावट) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इसी क्रम में कक्षा छठवीं से अंकिता राजपूत एवं आर्यन (छत्तीसगढ़ी आभूषण निर्माण), सातवीं से पार्थ, देवदास एवं नितेश (सजावटी सामग्री निर्माण) तथा राशि साहू, परिधि साहू एवं इंदु ध्रुव (रंगोली) में प्रथम रहे। कक्षा आठवीं से प्रतीक एवं नैतिक (तोरण निर्माण) तथा हितेश्वरी राजपूत, नम्रता गेंदले एवं श्रेया निर्मलकर (रंगोली) में प्रथम स्थान पर रहे।
कक्षा नौवीं से माया बघेल (लालटेन निर्माण), दसवीं से साक्षी जोशी (तोरण निर्माण) एवं साक्षी घृतलहरे (मेहंदी) तथा ग्यारहवीं से सोनम खूटे (लालटेन निर्माण) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गौरा-गौरी की मनमोहक झांकी रही। पारंपरिक लोकसंस्कृति पर आधारित इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, आपसी सौहार्द, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही सुरक्षित, स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त दीपावली मनाने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी उर्वशी साहू, खेलेश्वर वर्मा एवं गीताप्रसाद जायसवाल के साथ वरिष्ठ शिक्षक पुरेंद्र सिंह राजपूत, उमेश कुमार, राजेश कुमार, जयप्रकाश, तेजस्वी साहू, भगवानदास पटेल, श्रद्धा यादव, साक्षी साहू, दुर्गा साहू, जया कौशिक, जया यादव, आशुतोष पाण्डेय, गैंदराम साहू, अमितेश दुबे, अंजलि साहू, संजना एवं अर्मित खंडेलवाल का विशेष योगदान रहा।
विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया तथा सभी को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस एवं दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
